हर एक को किसी न किसी चींज की तलाश होती है मुझे भी है हर एक को किसी न किसी चींज की तलाश होती है मुझे भी है
रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं रंगों की चाहत सबको होती है और प्रकृति में बेशुमार रंग भरे हैं
कल जो थे, भूले बिसरे। याद फिर से करते हैं। कह रहा हूं............। कल जो थे, भूले बिसरे। याद फिर से करते हैं। कह रहा हूं............।
ना कुछ पाने की चाहत करता ना कुछ खोने की फिक्र करता। ना कुछ पाने की चाहत करता ना कुछ खोने की फिक्र करता।
बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की कोशिश की बेइंतेहा मोहब्बत करने की गुस्ताखी की है हमने, तुझे खुद से भी ज्यादा चाहने की ...
भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है, भूख प्यास लाचारगी और गरीबी की कोई जात नहीं होती है,